जानिए कार्तिक मास में क्या करें और क्या न करें

   कार्तिक मास 6 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं है, सतयुग के समान कोई युग नहीं है। वेदों के समान कोई शास्त्र नहीं और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं है। स्कन्द पुराण में भी कार्तिक मास को सबसे उत्तम मास माना गया है। इसी तरह सभी … Read more

भगवान के आगे दीपक जलाने का महत्व

Ramseva Trust: जब हम किसी देवता का पूजन करते हैं तो सामान्यतः दीपक जलाते हैं। दीपक किसी भी पूजा का महत्त्वपूर्ण अंग है । हमारे मस्तिष्क में सामान्यतया घी अथवा तेल का दीपक जलाने की बात आती है और हम जलाते हैं। जब हम धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भिन्न-भिन्न देवी-देवताओं की साधना अथवा सिद्धि के … Read more

श्रावण शिवरात्रि विशेष उपाय

Ramseva Trust  श्रावण शिवरात्रि विशेष उपाय आज 21 जुलाई 2017 शुक्रवार को मासिक शिवरात्रि है। हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 … Read more

ENT Medical Camp

Ramseva Trust नवलगढ़ – कस्बे के जांगिड़  अस्पताल में रविवार को श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट व् अलायंस क्लब नवलगढ़ ज्ञानदीप के सौजन्य से निशुल्क नाक कान गला रोग जाँच शिविर का आयोजन किया गया।  डॉ बी एन शर्मा  ने इस शिविर में अपनी सेवा दी।  शिविर का शुभारम्भ दिप जलाकर नवलगढ़ के नवनियुक्त थानाधिकारी बलराज मान … Read more

जानिएआपका कौनसा चक्र बिगडा है ?

Ramseva Trust जानिएआपका कौनसा चक्र बिगडा है ?       1. मूलाधार चक्र – गुदा और लिंग के बीच चार पंखुरियों वाला ‘आधार चक्र’ है । आधार चक्र का ही एक दूसरा नाम मूलाधार चक्र भी है। इसके बिगड़ने से वीरता,धन ,समृधि ,आत्मबल ,शारीरिक बल ,रोजगार ,कर्मशीलता,घाटा,असफलता रक्त एवं हड्डी के रोग ,कमर व … Read more

पीपल की पूजा करने से क्‍यों मिट जाता है शनि का प्रकोप?

Shri Ramchandra Sevadham Trust, Nawalgarh पीपल की पूजा करने से क्‍यों मिट जाता है शनि का प्रकोप? जब किसी इंसान पर शनिदेव की महादशा चल रही होती है तो उसे पीपल की पूजा का उपाय जरूर बताया जाता है। कई बार मन में यह सवाल उठता है कि ब्रम्‍हांड के सबसे शक्तिशाली और क्रूर ग्रह … Read more

स्वर्गारोही और नर्कगामी

Shri Ramchandra Sevadham Trust, Nawalgarh स्वर्गारोही और नर्कगामी !! अनिष्टमिष्टं मिश्रं च त्रिविधं कर्मणः फलम्‌ ।भवत्यत्यागिनां प्रेत्य न तु सन्न्यासिनां क्वचित्‌ ॥अनिष्ट – नरक और पशु-पक्षी आदि योनिरुप, इष्ट – स्वर्ग और देवयोनिरुप तथा मिश्र – इष्ट और अनिष्ट मिश्रित मनुष्य योनि रुप, इस प्रकार यह पुण्य-पाप रुप कर्मों का फल तीन प्रकार का होता … Read more

भगवान विष्णु का द्वितीय अवतार कूर्म अवतार की विस्तृत कथा

Shri Ramchandra Sevadham Trust, Nawalgarh भगवान विष्णु का द्वितीय अवतार कूर्म अवतार की विस्तृत कथा। कूर्म अवतार को ‘कच्छप अवतार’ (कछुआ के रूप में अवतार) भी कहते हैं। कूर्म के अवतार में भगवान विष्णु ने क्षीरसागर के समुद्रमंथन के समय मंदार पर्वत को अपने कवच पर संभाला था। इस प्रकार भगवान विष्णु, मंदर पर्वत और … Read more

शयन हेतु कुछ आवश्यक वास्तु के नियम

Shri Ramchandra Sevadham Trust, Nawalgarh दिशा सम्बन्धी नियम१. हमेशा दक्षिण की ओर सिर रख कर सोना चाहिए !२. पश्चिम दिशा शयन हेतु द्वितीय उत्तम अवस्था है !३ उत्तर की ओर सिर करके कभी नहीं सोना चाहिए !४ इशान / पूर्व की ओर भी सिर करके नहीं सोना चाहिए !( उपरोक्त दिशाए इस लिए बताई जा … Read more