अजब गजब देश दुनिया की बातें

Ajab Gajab Duniya Hindiअजब गजब देश दुनिया की बातें कछुए के दाँत नहीं होते हम जो साँस लेते हैं उस ऑक्सीजन में करीब 0.0005% मात्रा में हीलियम मिली होती है उड़ने वाले गुब्बारों में हीलियम गैस ही भरी होती है, ये गैस हवा से भी ज्यादा हल्की होती है, इसलिए ऊपर की ओर उड़ती है … Read more

मृत्यु क्या है ?

मृत्यु क्या है ? – मृत्यु को जानना है तो पहले जीवन को जानियेमृत्यु क्या है? मृत्यु एक बड़ी रहस्यमय घटना है। क्या अपने मन की मदद से हम मौत को समझ सकते हैं? क्या हम अमरता तक पहुँच सकते हैं? क्या हम जीते हुए मृत्यु का अनुभव कर सकते हैं? मृत्यु और मरना मृत्यु … Read more

जीवन एक तृष्णा

जीवन एक तृष्णा संसार में जन्म लेने के बाद माया के कुचक्र में फंसने से इस तृष्णा नाम की बीमारी का जन्म होता है यह तृष्णा नाम की बीमारी माया के कुचक्र जाल में फंस कर और ज्यादा बढ़ जाती है मनुष्य अपने आपको भूलने लगता है और ध्यान में उसकी तृष्णा ही रहती है … Read more

जीव और जीवन में अंतर 

जीव और जीवन में अंतर  जीव और जीवन में अंतर देखना असामान्य है क्योंकि जीव सर्व्याप्त है एक स्वरूप है एक होते हुए भी अन्य स्वरूपों में विद्यमान है ठीक वैसे ही जैसे बिजली एक है पर उसकी कार्यप्रणाली अनेक रूपों में पाई जाती है अगर आप बिजली से पंखा चलाना चाहे तो चलता है … Read more

आत्मा क्या हैं?

आत्मा का निरूपण श्रीमद्भगवदगीता या गीता में किया गया है। आत्मा को शस्त्र से काटा नहीं जा सकता, अग्नि उसे जला नहीं सकती, जल उसे गीला नहीं कर सकता और वायु उसे सुखा नहीं सकती।[1] जिस प्रकार मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्याग कर नये वस्त्र धारण करता है, उसी प्रकार आत्मा पुराने शरीर को त्याग … Read more

Bhartiya Yoga

‘योग’ शब्द ‘युज समाधौ’ आत्मनेपदी दिवादिगणीय धातु में ‘घं’ प्रत्यय लगाने से निष्पन्न होता है। इस प्रकार ‘योग’ शब्द का अर्थ हुआ- समाधि अर्थात् चित्त वृत्तियों का निरोध। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योग’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा … Read more

इन्द्रिय कितनी होती है ?

इन्द्रिय कितनी होती है ? इंद्रिय के द्वारा हमें संसारी विषयों जैसे कि रूप, रस, गंध, स्पर्श एवं शब्द का तथा आभ्यंतर विषयों जैसे सु:ख- दु:ख आदि का ज्ञान प्राप्त होता है। इद्रियों के अभाव में हम विषयों का ज्ञान किसी प्रकार प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिए तर्कभाषा के अनुसार इंद्रिय वह प्रमेय है जो … Read more

Description of Godde and Gods

Gods and goddesses have been described continuously in Hinduism, many types of sadhanas have been described from many different gods and goddesses. Every practice is described according to the nature and nature of that deity. It’s really science Just as a scientist makes water by mixing hydrogen and oxygen. Similarly, the deities mentioned in our … Read more

What is God? what is the nature of God?

What is God? what is the nature of God? As far as humans can see, it is the nature of the whole universe. The universe is dark blue oval in shape. In which thousands of sun’s brightness is present. Anantakoti, away from the universe, in a subtle form, controls the entire universe. He is God. … Read more

The sense between religion and wrongdoing and my experience

The feeling between religion and unrighteousness and my experience is that the religion which is propagated in the scriptures is to serve only a living being. Casteism is just a division based on deeds created by our society. I never accept that any community is a particular religion. Every person living in communities understands his … Read more